- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
पटवारी पर 1.80 लाख का अर्थदंड, चार साल की सजा
दो बार उज्जैन के महापौर पद की दावेदारी कर चुका है
आय से अधिक संपत्ति का मामला
उज्जैन। आय से अधिक संपत्ति के मामले में उज्जैन के भ्रष्ट पटवारी ओपी विश्वप्रेमी को कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई हैं। 1 करोड़ 80 लाख रुपए का जुर्माना किया है। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उज्जैन के किसी पटवारी पर की गई यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।इंदौर के विशेष न्यायाधीश यतींद्र कुमार गुरु की कोर्ट ने मंगलवार को भ्रष्टाचार मामले में एक पटवारी को सजा सुनाई है।
उप संचालक (अभियोजन) अधिकारी बीजी शर्मा ने बताया आरोपी पटवारी ओमप्रकाश विश्वप्रेमी पिता प्रहलाद निवासी बागपुरा सांवेर रोड उज्जैन को दोषी पाते हुए 4 साल का सश्रम कारावास व 1 करोड़ 80 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
15 सितंबर 2011 को लोकायुक्त कार्यालय, उज्जैन में उप पुलिस अधीक्षक ओपी बसागोरिया को सूचना मिली थी कि ओमप्रकाश विश्वप्रेमी पटवारी हलका नंबर 61 लालपुर तहसील उज्जैन ने अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है। इस पर आरोपी के निवास 20 बागपुरा सांवेर रोड उज्जैन की तलाशी लेने पर अभियुक्त, उसकी पत्नी, मां एवं नौकर के नाम पर चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज, सोने-चांदी के जेवरात, चार पहिया व दोपहिया वाहन व विलासिता की अन्य वस्तुएं मिली।
राजनीति में आने की तैयारी
आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद विश्वप्रेमी को निलंबित कर दिया गया था वहीं विश्वप्रेमी का कहना था कि उन्होंने सेवा से त्याग पत्र दे दिया है। बहरहाल स्थिति जो भी हो लेकिन विश्वप्रेमी ने राजनीति में उतरने की भी तैयारी कर ली थी। इसके लिए उन्होंने सामाजिक तानाबाना बुनकर दो बार उज्जैन शहर से महापौर चुनाव के लिए दावेदारी की थी। इसके लिए दोनों ही राजनीतिक दलों से संपर्क में भी थे।